Cement Balu Sariya Price: नई कीमतों ने घर बनाने वालों को दी बड़ी राहत
Cement Balu Sariya Price: घर बनाने का सपना हर इंसान के दिल में होता है लेकिन जब निर्माण सामग्री के दाम बढ़ते हैं तो यह सपना अधूरा सा लगने लगता है। बीते महीनों में सरिया सीमेंट और बालू की कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया था। अब बाजार से जो खबरें आ रही हैं वह राहत देने वाली हैं। नई जीएसटी दरों और कच्चे माल की कीमतों में कमी के बाद सीमेंट बालू सरिया प्राइस में गिरावट देखने को मिल रही है। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जो अपना खुद का मकान बनाने की योजना बना रहे हैं।
सरिया के आज के ताजा रेट
सरिया किसी भी मकान की मजबूती की पहचान होता है। दिसंबर 2025 में टीएमटी सरिया की कीमतों में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की गई है। आज बाजार में टीएमटी सरिया का भाव करीब 73000 से 75000 रुपये प्रति टन के बीच चल रहा है। कुछ समय पहले यही सरिया 76000 से 78000 रुपये प्रति टन तक बिक रहा था। इस हिसाब से प्रति टन लगभग 3000 रुपये तक की सीधी बचत हो रही है। अलग अलग शहरों और राज्यों में ट्रांसपोर्ट खर्च और टैक्स के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है। फिर भी कुल मिलाकर सरिया के दाम आम आदमी के बजट में आते नजर आ रहे हैं।
सीमेंट की नई कीमतें
सीमेंट के बिना घर बनाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सीमेंट के दामों में आई गिरावट ने घर बनाने वालों की चिंता कम कर दी है। फिलहाल 50 किलो वाले सीमेंट बैग की कीमत 330 से 360 रुपये के बीच चल रही है। पहले यही बैग 370 से 390 रुपये तक बिक रहा था। यानी प्रति बैग करीब 20 से 30 रुपये तक सस्ता हो गया है। अगर पूरे घर के निर्माण की बात करें तो यह बचत हजारों रुपये में बदल जाती है। ब्रांड और ग्रेड के हिसाब से सीमेंट के रेट में थोड़ा बहुत फर्क हो सकता है।
बालू के ताजा बाजार भाव
बालू निर्माण कार्य का अहम हिस्सा है और इसकी कीमत भी बजट पर सीधा असर डालती है। दिसंबर 2025 में बालू के रेट में भी राहत देखने को मिली है। आज बालू का भाव लगभग 4500 से 5200 रुपये प्रति ट्रॉली के आसपास है। पहले यही बालू 5500 से 6000 रुपये प्रति ट्रॉली तक पहुंच गई थी। इस गिरावट से नींव और प्लास्टर जैसे काम सस्ते हो गए हैं। नदी बालू और क्रशर बालू के रेट में भी स्थानीय स्तर पर अंतर देखा जा सकता है।
कीमतों में गिरावट के पीछे कारण
सरिया और सीमेंट के दाम घटने की सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की कीमतों में आई कमी है। आयरन ओर और कोयले के सस्ते होने से उत्पादन लागत कम हुई है। मानसून के बाद अभी निर्माण कार्यों की रफ्तार पूरी तरह तेज नहीं हुई है। डिमांड कम होने के कारण कंपनियों ने रेट घटाए हैं। इसके साथ ही कुछ राज्यों में टैक्स और ट्रांसपोर्ट चार्ज में भी राहत दी गई है। नई जीएसटी दरों का फायदा भी सीधे सीमेंट बालू सरिया प्राइस पर पड़ा है।